उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राज्य चुनावों से ठीक एक महीने पहले ऐसा बयान दिया है, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को “80 बनाम 20 की लड़ाई” बताया। यह टिप्पणी कई लोगों द्वारा धर्म आधारित विभाजन से जोड़कर देखी जा रही है।
UP में हिंदू और मुस्लिम आबादी का अनुपात लगभग 80:20 माना जाता है।
मुख्यमंत्री Lucknow में एक निजी न्यूज चैनल के कार्यक्रम में शामिल थे। यहां उनसे Brahmin वोटों को लेकर सवाल पूछा गया।
“लड़ाई अब 80 बनाम 20 की है”
सवाल का जवाब देते हुए Yogi Adityanath ने कहा,
“मुकाबला बहुत आगे बढ़ गया है। अब लड़ाई 80 बनाम 20 की है।”
कार्यक्रम के होस्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, “Owaisi कहते हैं कि यह 19 प्रतिशत है।” AIMIM के प्रमुख Asaduddin Owaisi अक्सर मुस्लिम वोट प्रतिशत का जिक्र करते रहे हैं।
लेकिन Yogi Adityanath ने होस्ट की बात बीच में ही रोक दी।
उन्होंने कहा,
“80 प्रतिशत वे लोग हैं जो राष्ट्रवाद, सुशासन और विकास के समर्थक हैं। ऐसे लोग BJP को वोट देंगे। जो इसके खिलाफ हैं, माफिया-आपराधिक तत्वों के समर्थक हैं और किसान-गाँव विरोधी सोच रखते हैं, ऐसे 15-20 प्रतिशत लोग अलग रास्ता चुनेंगे। इस 80-20 की लड़ाई में कमल ही रास्ता दिखाएगा।”
यहां उन्होंने BJP के चुनाव चिन्ह ‘कमल’ का जिक्र किया।
“अब्बा जान” बयान पर भी रही चर्चा
पिछले कुछ महीनों से मुख्यमंत्री का “अब्बा जान” वाला बयान भी काफी चर्चा में रहा है, जिसे अक्सर मुस्लिम समुदाय और Samajwadi Party प्रमुख Akhilesh Yadav पर निशाना माना गया।
पिछले साल 12 सितंबर को Kushinagar में एक कार्यक्रम में Yogi Adityanath ने कहा था,
“PM Narendra Modi के नेतृत्व में तुष्टीकरण की राजनीति की कोई जगह नहीं। 2017 से पहले क्या सबको राशन मिलता था? जो अब्बा जान कहते थे, वही राशन हضم कर जाते थे।”
2017 के चुनाव में Samajwadi Party को हार का सामना करना पड़ा था।
UP में चुनाव कार्यक्रम
UP में मतदान 10 फरवरी से शुरू होकर सात चरणों में होगा।
वोटों की गिनती 10 मार्च को की जाएगी।

